गढ़वा : गढ़वा के सियासत में आई गरमाहट
झूठ, ठगी और गाली-गलौज में नंबर वन हैं गढ़वा विधायक : धीरज
बंशीधर न्यूज
गढ़वा : झामुमो के मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विधायक को झूठ बोलने, जनता को ठगने और गाली-गलौज करने में नंबर वन बताया। श्री दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विधायक जनहित के मुद्दों पर बात करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणी, गाली-गलौज और विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं के निजी मामलों में हस्तक्षेप करने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गढ़वा विधायक के तीसरे कार्यकाल का यह दूसरा वर्ष चल रहा है, लेकिन जनता के बुनियादी सवाल आज भी जस के तस हैं। उन्होंने पिछले वर्ष विधायक की ओर से कराये गये 81 चापानलों के अधिष्ठापन पर सवाल उठाते हुये कहा कि इनमें से 24 चापानल केवल उड़सूगी पंचायत में लगाये गये। उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरतमंदों के बजाय संपन्न लोगों को कथित तौर पर दस हजार रुपये लेकर चापानल उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर घर के आंगन में चापानल लगाये गये तथा निर्धारित 210 फीट की जगह महज 60-70 फीट तक बोरिंग की गई। झामुमो ने पूरे मामले की जांच की मांग पहले ही कर चूकी है। श्री दुबे ने विधायक के चुनावी खर्च को लेकर भी सवाल उठाया।
कहा कि विधायक जनता को खुश करने के लिये अपने चुनाव खर्च को महज 50 हजार रुपये बताते हैं। जबकि विगत विधानसभा चुनाव के हलफनामे में चुनावी खर्च 37,51,939 रुपये दर्ज है। विधायक के द्वारा मुखिया पर बयानबाजी करने के पीछे मात्र एक मकसद है जनता को खुश करना। उन्होंने कहा कि जनता को आंकड़ों और तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिये न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के बाद विधायक जनसेवा के बजाय ठेकेदारों, क्रशर प्लांट और कमीशन से जुड़े मामलों में अधिक सक्रिय नजर आते हैं। श्री दुबे ने कहा कि विधायक द्वारा लगातार जांच की बातें की जाती हैं, लेकिन जनता के वास्तविक मुद्दों रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली और खराब पड़े ट्रांसफार्मर पर ठोस पहल नजर नहीं आती।
बालू के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के द्वारा बालू चोरी को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने महूलिया में बालू लदे ट्रैक्टर से हुई दो लोगों की मौत का उल्लेख करते हुये कहा कि घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने तक विधायक नहीं पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के साथ हुई झड़प के बाद कई ग्रामीण आज भी कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन विधायक को इससे कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और झामुमो कार्यकर्ताओं को गाली देने से यदि जनता की समस्याएं हल होती हैं, तो विधायक दिन-रात गाली देते रहें।
लेकिन व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणी से गढ़वा की जनता का कल्याण नहीं होने वाला। उन्होंने विधायक से ऐसी राजनीति से बाज आने की अपील की। प्रेसवार्ता में जिला सचिव शरीफ अंसारी, कोषाध्यक्ष चंदन जायसवाल, संगठन सचिव चंदन पासवान, राजा सिंह, प्रियम सिंह, हरिओम यादव, निशांत चतुर्वेदी, लल्लू मेहता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
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