विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ उनके भाई दीपक प्रताप देव ने फूंका विद्रोह का बिगुल

Jul 3, 2026 - 22:55
विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ उनके भाई दीपक प्रताप देव ने फूंका विद्रोह का बिगुल

बंशीधर न्यूज

श्री बंशीधर नगर : झामुमो नेता सह भोजपुर गढ़ के प्रमुख दीपक प्रताप देव ने अपने भाई विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है। भोजपुर गढ़ स्थित अपने निवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने 2029 में अनंत से दो-दो हाथ करने का ऐलान किया।

श्री देव के इस एलान के बाद भवनाथपुर विधानसभा में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया। अपने हजारों समर्थकों की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री देव ने साफ शब्दों में कहा कि वे वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में अपने ही बड़े भाई और वर्तमान विधायक के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे।

दीपक प्रताप देव की इस घोषणा ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। दीपक के इस फैसले के बाद उनके खेमे में उत्साह और जश्न का माहौल है। श्री देव के समर्थक पूरे जोश और आत्मविश्वास से लबरेज दिखाई दे रहे हैं। दीपक प्रताप ने अपने राजनीतिक भविष्य के विषय में एक सधे हुये राजनीतिज्ञ की तरह कहा कि वे झामुमो में हैं और झामुमो ही रहेंगे। उन्होंने विगत चुनाव में बड़े भाई अनंत प्रताप देव और झामुमो के पक्ष में वोट मांगा है। लोगों ने दिल खोलकर साथ दिया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद विधायक द्वारा मेरे अनुरोध पर चुनाव में जी तोड़ मदद करने वाले को झामुमो का और दीपक देव का आदमी बताकर उन्हें नजरअंदाज किया जाने लगा, उनलोगों को हीन भावना से देखा जाता था।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि क्षेत्र की मालिक जनता के मान सम्मान का सवाल है। जिन वादों को लेकर वोट मांगा उस पर कोई अमल नहीं हुआ। विधायक डेढ़ वर्षों में कोई भी विकास कार्य धरातल पर नहीं उतार सके। जिन्हें मेरा आदमी कह कर नजरअंदाज किया गया वे मेरे हॄदय में बसने वाले अभिभावक और भाई बहन हैं। एक भाई के लिये क्षेत्र के सारे अभिभावकों, भाईयों और बहनों की उपेक्षा सहन नहीं कर सकता। बड़े भाई के पास घुटना नहीं टेकेंगे।

अब 2029 में चुनाव में फैसला होगा। उन्होंने कहा कि 25 साल से सार्वजनिक जीवन में बतौर कार्यकर्ता काम किया हूं। 2009 और 2024 में बड़े भाई अनंत प्रताप देव को जीताया। 2019 में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहकर काम किया, पराजय को स्वीकारा। 2005 और 2014 में भानु प्रताप शाही को जीताया। लेकिन 25 साल में दोनों नेता क्षेत्र में बेरोजगारी, पलायन को रोकने में विफल रहे।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान अभिभावकों, सभी भाई बहनों से राय मशविरा करने के बाद आज खुलकर सबके सामने आना पड़ा है। माहौल अब बदल गया है। चुनाव कैसे लड़ा जाता है इस बार दोनों को पता चलेगा। हम पार्टी की विचारधारा और सिद्धांत को लेकर क्षेत्र के लोगों के बीच घर-घर जाएंगे। विधायक अनंत प्रताप देव अब हमारे नेता नहीं सिर्फ बड़े भाई हैं, एक छोटे भाई के रूप में उनका सम्मान करेंगे, उन्हें प्रणाम करेंगे। 

लेकिन सियासी अखाड़े में अब कभी साथ नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार मुकाबला रोमांचक होगा। उन्होंने दो टूक कहा कि विधानसभा परिसीमन के बाद भी अनंत प्रताप देव जहां से चुनाव लड़ेंगे, वे उसी सीट से उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे। श्री देव ने भावुक अंदाज में कहा कि उनके दिल में वर्षों का दर्द भरा हुआ है, जिसे अब वे जनता के सामने रख रहे हैं। बकौल दीपक प्रताप उन्हें बड़े भाई ताहिर अंसारी का आशीर्वाद मिलेगा और वे झामुमो के साथ मजबूती से जुड़े रहेंगे।

उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुये कहा की हेमंत सोरेन मेरे नेता हैं। मैं आंदोलन से निकली पार्टी के साथ था, हूं और रहूंगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक जायसवाल, राकेश जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, युवराज प्रताप देव, विशुनपुरा की प्रमुख दीपा कुमारी समेत कई लोग मौजूद थे। 

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