भवनाथपुर की सुपरहिट तिकड़ी में आई दरार

Jun 28, 2026 - 07:49
भवनाथपुर की सुपरहिट तिकड़ी में आई दरार

तिकड़ी के तीनों नेताओं की राहें अब हुई जुदा

नीलू चौबे

पिछले विधानसभा चुनाव में भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में अनंत प्रताप देव, ताहिर अंसारी एवं दीपक प्रताप देव की जिस सुपरहिट तिकड़ी ने एकजुटता से धमाकेदार जीत हासिल कर इतिहास रचा था, उस तिकड़ी में अब दरार आ गई है। फिलहाल भवनाथपुर की सुपरहिट तिकड़ी अब बिखरती नजर आ रही है। तीनों नेताओं की राहें अब जुदा होती दिखाई दे रही हैं।

राजनीतिक टीकाकारों के मुताबिक विधायक अनंत प्रताप देव ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिये जिस एकला चलो की राह चुनी है, वह सुपरहिट तिकड़ी को रास नहीं आई और देखते ही देखते एकजुट कुनबा बिखर गया। अंदरखाने से मिल रही खबरों के मुताबिक विधायक श्री देव के साथ चुनावी महाभारत में अगली पंक्ति में चट्टान की तरह एक से बढ़कर एक तमाम महारथियों की तीर को अपने उपर लेने वाले झामुमो नेता ताहिर अंसारी एवं विधायक के छोटे भाई भोजपुर गढ़ प्रमुख दीपक प्रताप देव ने अपना अपना रास्ता बदल लिया है।

दीपक प्रताप देव तो अभी से ही मिशन 2029 की तैयारी में सक्रिय हो चुके हैं। दीपक प्रताप देव व उनके समर्थक क्षेत्र में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। दीपक प्रताप लगातार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और उनके समाधान के लिये प्रयासरत हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के तत्कालीन पीएचईडी मंत्री व गढ़वा के विधायक मिथिलेश कुमार ठाकुर ने एक बड़ी राजनीतिक चाल चलते हुये भवनाथपुर के दो धुर विरोधी नेताओं पूर्व विधायक अनंत प्रताप देव एवं बसपा नेता ताहिर अंसारी को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने पूर्व विधायक अनंत प्रताप देव एवं बसपा नेता ताहिर अंसारी के बीच वर्षों पुरानी राजनीतिक दूरी को खत्म कर उन्होंने गढ़वा की राजनीति में नये समीकरण की नींव रखी थी।

इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ 2024 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला, जब अनंत प्रताप देव को ताहिर अंसारी एवं उनके छोटे भाई भोजपुर गढ़ प्रमुख दीपक प्रताप देव का मजबूत साथ मिलने से अनंत प्रताप देव को जबरदस्त बढ़त मिली। नतीजा रहा कि उन्होंने भवनाथपुर में पिछले दस वर्षों से अपनी जड़ मजबूत बनाये बैठे भाजपा के फायरब्रांड नेता पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही के किले को ध्वस्त कर पहली बार भवनाथपुर में झामुमो का परचम लहराने में सफलता प्राप्त कर ली।

लेकिन जीत के कुछ ही महीनों बाद इस सुपरहिट तिकड़ी पर मानो किसी की नजर लग गई। अंदरूनी मतभेद धीरे-धीरे गहराने लगे। पहले बातचीत कम हुई, फिर संवाद लगभग बंद हो गया। मामला यहीं नहीं रुका सोशल मीडिया पर भी बिना नाम लिये एक-दूसरे पर तंज कसने और हमला बोलने का दौर शुरू हो गया था। पिछले कुछ महीनों से तीनों नेताओं में जारी यह खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। ताहिर अंसारी जहां अंदरखाने विधायक के खिलाफ अपनी अलग रणनीति बना रहे हैं।

वहीं दीपक प्रताप देव खुलकर अपनी जमीन तैयार करने में लगे हुये हैं। वे सोशल मीडिया के जरिये विधायक अनंत प्रताप देव और पूर्व विधायक भानू प्रताप शाही दोनों पर निशाना साध रहे हैं। दीपक प्रताप देव का लगातार जनसंपर्क अभियान, क्षेत्रीय दौरे और जनता के बीच बढ़ती मौजूदगी उनके बड़े राजनीतिक इरादों की ओर इशारा कर रही है। हालांकि राजनीति में समीकरण बदलते देर नहीं लगती। आज जो विरोधी हैं, वे कल सहयोगी भी बन सकते हैं।

फिलहाल ताहिर अंसारी व दीपक प्रताप देव के साथ बढ़ी हुई दूरी का आने वाले चुनाव में अनंत प्रताप देव को सीधा नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है सुपरहिट तिकड़ी में आई दरार का 2029 के चुनाव परिणाम पर असर पड़ेगा? भवनाथपुर की राजनीति में नया चेहरा उभरेगा या किसी पुराने को फिर मौका मिलेगा यह आने वाला समय बतायेगा।

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