भाजपा से जुड़े लोग अपराध में संलिप्त, पार्टी सरकार को बदनाम करने में जुटी : झामुमो
बंशीधर न्यूज
गढ़वा : हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में नाबालिग मासूम के साथ हुई अमानवीय घटना एवं उसकी निर्मम हत्या ने पूरे झारखंड सहित देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना की झामुमो ने कड़ी निंदा करते हुये दोषियों को अविलंब कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
झामुमो के जिला सचिव शरीफ अंसारी ने कहा कि राज्य में घटित कई आपराधिक मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने विष्णुगढ़ की इस जघन्य घटना में भाजपा के प्रखंड कमेटी से जुड़े एक पदाधिकारी (पूर्व बूथ कमेटी अध्यक्ष) का नाम सामने आने को बेहद शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली पार्टी के भीतर ही ऐसे अपराधी पल रहे हैं। झामुमो के केंद्रीय समिति सदस्य जवाहर पासवान ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुये कहा कि जब यह घटना सामने आई थी, तब भाजपा के बड़े नेता सरकार पर आरोप लगाने में सबसे आगे थे, लेकिन अब जब उनके ही संगठन से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया है, तो पूरी भाजपा चुप्पी साधे बैठी है।
झामुमो ने भाजपा नेतृत्व से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। झामुमो के मनोज ठाकुर ने कहा कि 2016 की शिक्षक नियुक्ति (सीजीटीटीसीई 2016) के लिये झारखंड के 24 जिलों को दो श्रेणियों में बाटा गया था, जिसमें 13 जिला अनुसूचित एवं 11 जिला गैर अनुसूचित कर दिया गया था। जिसमें गढ़वा, पलामू सहित 11 जिला में बाहरी राज्यों से उम्मीदवार भी आवेदन करने का खुला आदेश भाजपा राज्य सरकार के द्वारा किया गया था।
जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य के लोगों को शिक्षक में नियुक्त किया गया जो यहां की भाषा नहीं जानते हैं वैसे लोगों को शिक्षक में चयन किया गया, जो आज भी बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उस समय भी दोनों विधायक थे लेकिन यहां के पढ़े लिखे नौजवानों के प्रति कोई रूचि नहीं लिया।
2011 के जनगणना में इन लोगों के द्वारा भाषा की जानकारी नहीं दी गई एवं गढ़वा-पलामू के लोग अपना भाषा पलमूवा बताये जिस कारण यह भाषा स्वीकार नहीं हुआ और क्षेत्रीय भाषा मगही, भोजपुरी को मान्यता नहीं मिल सकी। क्योंकि निकम्में विधायक को गढ़वा-पलामू के छात्र/छात्राओं/ नौजवान के भविष्य का कोई ख्याल नहीं रहा। उन्होंने कहा कि आज भी परिसदन भवन गढ़वा में विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी ठिकेदारों से पैसा वसूली करते हैं।
हमलोग जिस दिन चाहे विधायक को पकड़वाकर सीधे जेल भेजवा सकते हैं। अलकतरा चोर एवं अरबों रूपये स्वास्थ्य विभाग के खाने वाले लोग अब गढ़वा-पलामू के भविष्य की बात करते हैं। विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी एवं पूर्व विधायक भानू प्रताप शाही के द्वारा क्षेत्रीय भाषा पर आज तक इन दोनों के द्वारा क्या पहल किया गया।
यहां की जनता जानना चाहती है, क्या कभी विधानसभा में आवाज उठाया गया है, क्या कहीं पत्राचार किया गया है, तो बताये लोगों को मुर्ख बनाना छोड़ दें। यहां की जनता सब जान व समझ रही है। झामुमो के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिला सचिव अशर्फी राम ने कहा कि यह घटना समाज के लिये एक काला धब्बा है और इसमें शामिल दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिये। उन्होंने भाजपा से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या उनके संगठन में अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है।
भाजपा केवल जनमानस को भ्रमित करने और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करती है। ऐसे समय में जब समाज अपराधी के खिलाफ एकजुट है तो भाजपा केवल राजनीति करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि झामुमो जिला कमेटी ने राज्य की जनता को आश्वस्त करते हुये कहा कि झारखंड की बेटियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जायेगा, चाहे वह किसी भी दल या पद से जुड़ा क्यों न हो। उस मौके पर झामुमो नेता तनवीर आलम, फुजेल अहमद, प्रवक्ता सुजीत चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे।
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