अनुमंडल अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत, हंगामा
परिजनों ने चिकित्सक पर लगाया इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप, सीएस से की कार्रवाई की मांग
बंशीधर न्यूज
श्री बंशीधर नगर : गढ़वा थाना क्षेत्र के गांगी गांव निवासी शक्तिधर दुबे की 75 वर्षीय पत्नी कुलवंती देवी की शनिवार को अनुमंडल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर समय पर मरीज को नहीं देखने और कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुये जमकर हंगामा किया।
मामले की सूचना मिलने पर गढ़वा के सिविल सर्जन अस्पताल पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया। जानकारी के अनुसार शक्तिधर दुबे अपनी पत्नी कुलवंती देवी को लेकर बनारस जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक कुलवंती देवी की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें अपनी गाड़ी से श्री बंशीधर नगर अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे।
क्या है परिजनों का आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ निशा कुमारी ने मरीज को देखने में तत्परता नहीं दिखाई। इसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता कन्हैया चौबे भी अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुये हंगामा किया।
परिजनों के मुताबिक अस्पताल में इलाज के अभाव में कुलवंती देवी की हालत बिगड़ती गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन रोने और चिल्लाने लगे। आरोप है कि इसके बाद डॉ निशा कुमारी मौके पर पहुंचीं और महिला को मृत बताते हुये उसे ले जाने की बात कही।
घटना की जानकारी जैसे ही अस्पताल की डीएस डॉ सुचित्रा कुमारी को मिली। उन्होंने तत्काल अस्पताल पहुंच कर मरीज का इलाज प्रारंभ करने का प्रयास किया उससे पहले ही मरीज ने दम तोड़ दी थी। घटना के बाद परिजनों और कन्हैया चौबे ने चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय पर मरीज को देखा जाता और आवश्यक उपचार शुरू किया जाता तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामला देख परिजनों ने गढ़वा सिविल सर्जन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल सर्जन अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाकर स्थिति को शांत कराया।
उन्होंने डॉ निशा कुमारी को भी समझाते हुये कहा कि मरीज और उनके परिजनों के साथ किसी भी परिस्थिति में दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिये। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के साथ चिकित्सकों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं। अब सभी की नजर सिविल सर्जन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ केनेडी ने कहा कि महिला की हालत काफी गंभीर थी, लेकिन चिकित्सक को मरीज को देखना और अपनी ओर से आवश्यक चिकित्सकीय प्रयास करना चाहिये था। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि ससमय उपचार शुरू नहीं किया गया। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुये कहा कि डॉ निशा कुमारी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जायेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
1
Wow
0