प्रशासन की निगरानी में खुला ऐतिहासिक तिजोरी, अंदर से निकला पुराना सिरजाना, कौतूहल का हुआ अंत
महेंद्र गुप्ता
रमना : रमना नीचे बाजार में नींव खुदाई के दौरान मिली रहस्यों से भरी पुरानी तिजोरी का अंततः सोमवार देर शाम पटाक्षेप हो गया। प्रशासन और स्थानीय दावेदारों की मौजूदगी में जब गैस कटर से लोहे की मजबूत तिजोरी को काटा गया, तो उसके भीतर से पुराने जमाने का एक पारंपरिकगहना "सिरजाना "(पुराने सिक्कों/रुपयों से बनी गले की माला)—बरामद हुआ।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में खुली तिजोरी
सोमवार देर शाम रमना थाना परिसर में सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच तिजोरी खोलने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान एसडीओ प्रभाकर मिर्धा, एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, सीओ विकास पांडेय, थाना प्रभारी आदित्य कुमार नायक तथा संबंधित संपत्ति के दावेदार भी मौके पर उपस्थित रहे।
क्या मिला तिजोरी के भीतर?
गैस कटर से काटकर जब तिजोरी का दरवाजा हटाया गया तो उसके अंदर से पुराने समय में महिलाओं द्वारा गले में पहने जाने वाला सिक्कों/रुपयों का गुंथा हुआ पारंपरिक गहना ‘सिरजाना’ निकला। किसी बड़े खजाने या बहुमूल्य सामग्री की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए यह थोड़ा चौंकाने वाला रहा। तिजोरी खुलने के बाद स्थानीय लोगों के बीच दबी जुबान से यह चर्चा तैरने लगी—“खोदा पहाड़, निकली चुहिया!”
क्या था पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि बीते 12 सितंबर को रमना नीचे बाजार क्षेत्र में एक जमीन की नींव खोदने के दौरान जेसीबी की कुदाल से यह वजनी लोहे की तिजोरी बरामद हुई थी। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं और खजाने की अफवाहें फैलने के बाद पुलिस ने इसे कब्जे में लेकर रमना थाना में सुरक्षित रखवा दिया था।
प्रशासनिक कागजी प्रक्रियाओं और दावेदारों की मौजूदगी सुनिश्चित होने के बाद सोमवार को इसे आधिकारिक रूप से खोला गया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से बरामद सामग्री की सूची तैयार कर आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
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