जनजातीय शिल्पकारों को मिलेगा बाजार और आजीविका का बेहतर अवसर
बंशीधर न्यूज
गढ़वा : जनजातीय शिल्पकारों और कारीगरों को पहचान, बाजार और बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्राइफेड, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से टाउन हॉल में जनजातीय शिल्पकार पंजीकरण मेला आयोजित किया गया। मेले में गढ़वा और आसपास के जिलों से पहुंचे 226 जनजातीय शिल्पकारों एवं कारीगरों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
मेले का उद्घाटन डीसी पशुपतिनाथ मिश्र ने किया। उन्होंने जनजातीय शिल्पकारों द्वारा तैयार पारंपरिक हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की सराहना करते हुये कहा कि जनजातीय कला एवं शिल्प देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कारीगरों को पहचान के साथ बाजार और आय के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मेले में बांस से बनी डलिया, टोकरियां और अन्य उपयोगी सामान, घास एवं प्राकृतिक रेशों के उत्पाद, पत्तों की चटाइयां, लकड़ी के घरेलू सामान, लाख के आभूषण, सजावटी सामग्री, पारंपरिक आभूषण, सिल्क व कॉटन के वस्त्र और हस्तकरघा उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं वन धन तथा प्राकृतिक एवं जैविक खाद्य उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया।
ट्राइफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि पारंपरिक ज्ञान, कला और कौशल को बाजार से जोड़कर जनजातीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना संस्था का उद्देश्य है। मेले में शिल्पकारों के उत्पाद, दस्तावेज और कौशल की जानकारी लेकर पंजीकरण व चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्हें बेहतर गुणवत्ता, पैकेजिंग और डिजिटल माध्यमों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी देवानंद राम, डीपीएम बिमलेश शुक्ला, जेएसएस के निदेशक प्रशांत कुमार मिश्र समेत ट्राइफेड और जेएसएस के अधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।
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