श्री रामलला मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव, बच्चों में बांटे गये खिलौने

Mar 23, 2026 - 19:41
श्री रामलला मंदिर में धूमधाम से मनाया गया राम जन्मोत्सव, बच्चों में बांटे गये खिलौने

बंशीधर न्यूज

गढ़वा : श्री रामलला मंदिर में श्रीराम कथा सह प्रवचन कार्यक्रम के चौथे दिन राम जन्मोत्सव मनाया गया। मंगलगीत से भगवान का स्वागत किया गया। भक्तिभाव में विभोर भक्तगण खूब झूमे। इस पुनीत अवसर पर बच्चों के बीच खिलौना का वितरण किया गया। वहीं हलवा प्रसाद का भोग लगाया गया।

चौथे दिन के प्रवचन कार्यक्रम में आचार्य विद्वान संजय कृष्ण शास्त्री ने राम जन्मोत्सव की कथा सुनाई। उन्होंने मनु-सतरूपा के उद्भव से कथा की शुरुआत की। मनु-सतरूपा के वंशज के रूप में ही भगवान राम ने राजा दशरथ के घर में जन्म लिया था। राजा दशरथ की पुत्र प्राप्ति की चाहत और उनकी उदासी को दूर करने में वशिष्ठ मुनि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ कराने की सलाह दी। वह भी सिद्ध कर्मकांडी श्रृंगी ऋषि के हाथों।

यज्ञ के हवन कुंड से यज्ञ महाराज स्वयं प्रकट हुये और उन्होंने राजा दशरथ को तीन हविश दिया। राजा दशरथ ने उसे अपने तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को एक-एक हविश दिया। सुमित्रा के हविश को कागा ले भागे। राजा दशरथ ने रानी कौशल्या और कैकई से अपने हिस्से के हविश का आधा आधा भाग सुमित्रा को देने का आग्रह किया। कौशल्या की कोख से श्री राम और कैकई की कोख से श्री भरत जी का जन्म हुआ।

वहीं सुमित्रा की कोख से कौशल्या के हिस्से के हविश खाने से श्री लक्ष्मण जी और कैकई के हिस्से का हविश खाने से श्री शत्रुध्न जी का जन्म हुआ। बाद में लक्ष्मण जी राम की सेवा और शत्रुध्न जी भरत जी की सेवा में लीन हो गये। आचार्य जी ने कहा कि भगवान राम के अवतार के पूर्व ही देवतागण बानर भालू के रूप में धरती पर पहुंच गये थे। भगवान विष्णु चतुर्भुज रूप में ही कौशल्या के पुत्र के रूप में अवतार में लेना चाहते थे।

इसे लेकर मां कौशल्या और भगवान विष्णु के बीच लंबी शास्त्रार्थ हुई। मां ने भगवान विष्णु को याद दिलाया कि यह आपका वचन था कि बालक के रूप में। पुत्र के रूप में मेरे शरीर से जन्म लेंगे। इसके बाद भगवान को बालक के रूप में कौशल्या माता के कोख से जन्म लेना पड़ा। इस अवसर पर राम जन्मोत्सव मनाया गया। पालना पर बाल भगवान को झुलाया गया। सोहर और मंगल गीत गया गया।

भक्तों ने खासकर महिला भक्तों ने खूब नृत्य कर भगवान का स्वागत किया। मौके पर मंदिर समिति के विश्वनाथ सिंह, सुदर्शन सिंह, धनंजय गोंड उर्फ डबल जी, धनंजय सिंह, अजय सिंह, श्यामा बाबा, किशोर सिंह, धनंजय ठाकुर, रमाशंकर सिंह, अखिलेश विश्वकर्मा, शिव कुमार गुप्ता, महेंद्र प्रसाद, दिलीप कमलापुरी सहित कई लोग मुख्य भूमिका में थे।

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