पंचतत्व में विलीन हुए सुप्रसिद्ध मूर्तिकार एवं 'जोकर' के नाम से विख्यात रामकुंवर बौद्ध
बंशीधर न्यूज
मेराल: प्रखंड मुख्यालय के मेराल पश्चिम पंचायत अंतर्गत छःआना टोला के अंकड़ी टोला निवासी सुप्रसिद्ध मूर्तिकार एवं स्थानीय रंगमंच पर 'जोकर' के नाम से प्रसिद्ध रामकुंवर बौद्ध का रविवार को सम्मान और सामाजिक श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 83 वर्षीय रामकुंवर बौद्ध का शनिवार देर रात रांची के एक अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन की खबर से मेराल सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रामकुंवर बौद्ध ने युवावस्था से ही अपनी अद्वितीय शिल्पकला के बल पर मूर्ति निर्माण के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। वे एक कुशल मूर्तिकार होने के साथ-साथ स्थानीय नाट्य मंचों पर जोकर की भूमिका निभाकर लोगों को हंसाने के लिए भी प्रसिद्ध थे। पिछले दो दशकों से उन्होंने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को अपनाते हुए समाज में समता, शिक्षा, भाईचारा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी महासंघ गढ़वा के जिलाध्यक्ष रघुराई राम, मुखिया उर्मिला देवी, मुन्ना राम, नाथुन राम, नवीन जायसवाल, शिक्षक संदीप कुमार, उदय राम, दिनेश राम सहित अनेक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की।
अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शुभचिंतक एवं गणमान्य के साथ परिजन रामाधार राम, अजय राम, मृत्युंजय कुमार, धनंजय राम, अनुजय कुमार, अजय कुमार, मतराज राम, अतुल कुमार, आर्यन सहित कई लोग शामिल थे।
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