डीसी ने मनरेगा में अनियमितता को लेकर की कड़ी कार्रवाई

Apr 1, 2026 - 20:35
डीसी ने मनरेगा में अनियमितता को लेकर की कड़ी कार्रवाई

बीपीओ कार्यमुक्त, बीडीओ से स्पष्टीकरण

बंशीधर न्यूज

गढ़वा : जिले में सरकारी योजनाओं में अनियमितता और लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीसी दिनेश कुमार यादव ने रंका प्रखंड के बीपीओ (मनरेगा) हासिम अंसारी को गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप में कार्यमुक्त कर दिया है। साथ ही बीडीओ को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। जानकारी के अनुसार रंका प्रखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत संचालित दीदी बाड़ी योजनाओं में फर्जी डिमांड डालकर सरकारी राशि की निकासी का मामला सामने आया था।

इस गंभीर आरोप को लेकर डीसी के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच दल का गठन कर जांच कराई गई। जांच प्रतिवेदन में खुलासा हुआ कि दीदी बाड़ी योजना, जो तीन वर्षों के लिये स्वीकृत होती है, उसमें नियमों की अनदेखी करते हुये लगभग पूरी राशि एक ही वर्ष में निकाल ली गई। वहीं धरातल पर योजनाएं प्राक्कलन के अनुरूप नहीं पाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि योजना के क्रियान्वयन में भारी अनियमितता और लापरवाही बरती गई।

मामले में बीपीओ हासिम अंसारी से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक पाया गया। दूसरी ओर बीडीओ ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि उन्होंने प्रारंभ में ही संबंधित पदाधिकारी को मनरेगा दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिये थे, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मनरेगा के ऑनलाईन पोर्टल (एमआईएस) में पहले से दर्ज योजनाओं के साथ छेड़छाड़ की गई।

योजनाओं का स्वरूप बदलकर उन्हें अनियमित तरीके से ऑनगोइंग दिखाया गया, जिससे भुगतान जारी रखा जा सके। यह कृत्य न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी है। हालांकि हासिम अंसारी ने अपने स्पष्टीकरण में इसे तकनीकी भूल बताते हुये कहा कि योजनाओं का स्टेटस गलती से गलत चयन हो गया था और प्रति योजना केवल 282 रुपये का भुगतान हुआ है।

 लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया और स्पष्ट हुआ कि योजनाओं में सुनियोजित तरीके से गड़बड़ी की गई थी। डीसी ने मामले को गंभीर मानते हुये कहा कि संबंधित पदाधिकारी द्वारा बार-बार मनरेगा मार्गदर्शिका का उल्लंघन कर मनमाने तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन कराया गया, जो प्रशासनिक दृष्टि से अस्वीकार्य है। ऐसे में उन्हें सेवा में बनाये रखना उचित नहीं है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर हासिम अंसारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

साथ ही मामले की समुचित निगरानी नहीं करने को लेकर बीडीओ से भी स्पष्टीकरण मांगते हुये उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है। डीसी ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गलत कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जायेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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