डायन बताकर महिला पर खौलता पानी डालने का मामला पहुंचा राष्ट्रीय स्तर पर, एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान

Aug 28, 2026 - 16:30
डायन बताकर महिला पर खौलता पानी डालने का मामला पहुंचा राष्ट्रीय स्तर पर, एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान

गढ़वा के डीसी व एसपी को नोटिस, दो सप्ताह में मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति व मुआवजे की भी मांगी जानकारी

बंशीधर न्यूज

श्री बंशीधर नगर/गढ़वा : झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में एक आदिवासी महिला को कथित तौर पर डायन बताकर प्रताड़ित करने एवं उसके शरीर पर खौलता पानी डालने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुये राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले में गढ़वा के डीसी एवं एसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

 एनएचआरसी ने अधिकारियों से घटना की जांच की स्थिति के साथ-साथ पीड़िता की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उसे किसी प्रकार का मुआवजा अथवा राहत उपलब्ध कराये जाने की जानकारी भी मांगी है।

शनिवार शाम की घटना से मचा था हड़कंप

मामला श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव का है। आरोप है कि गत शनिवार की शाम कुछ लोगों ने एक एसटी महिला को डायन बताते हुये उसके साथ मारपीट की और उसके शरीर पर खौलता हुआ पानी डाल दिया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिये अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया।

गांव के लोगों पर प्रताड़ित करने का है आरोप

इलाजरत पीड़िता दिलवसिया देवी पत्नी विशुन देव उरांव ने पुलिस को दिये बयान में गांव के ही कुछ लोगों पर लंबे समय से डायन कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार गत शनिवार की शाम गांव के ही बिहारी उरांव, उनकी पत्नी शारदा देवी, बसंत उरांव, लालमोहन उरांव और उनकी पत्नी के साथ उसका विवाद हुआ था।

आरोप है कि विवाद के बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके शरीर पर खौलता हुआ गर्म पानी डाल दिया गया। गर्म पानी शरीर पर पड़ते ही वह दर्द से तड़प उठी। किसी तरह वहां से निकलकर वह सड़क की ओर पहुंची। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

करीब 40 फीसदी झुलसने की बात, एनएचआरसी ने माना गंभीर

एनएचआरसी के अनुसार मीडिया रिपोर्टों में महिला के शरीर का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा झुलसने की बात सामने आई है। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में लगाये गये आरोप जांच में सही पाये जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला हो सकता है। इसी को गंभीरता से लेते हुये आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और गढ़वा के जिला प्रशासन एवं पुलिस से जवाब मांगा है।

24 अगस्त की रिपोर्ट के बाद 27 अगस्त को एनएचआरसी की कार्रवाई

मीडिया में घटना की रिपोर्ट 24 अगस्त को सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 27 अगस्त को मामले का स्वतः संज्ञान लिया। अब गढ़वा के डीसी एवं एसपी को आयोग के समक्ष दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। एनएचआरसी की इस कार्रवाई के बाद भोजपुर गांव की घटना एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और आयोग को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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