जिस बेटी के हाथ पीले करने थे, उसी की शादी टालनी पड़ी

Sep 30, 2026 - 17:24
जिस बेटी के हाथ पीले करने थे, उसी की शादी टालनी पड़ी

शादी की तैयारियों का जायजा लेने निकले रिटायर्ड प्राचार्य को ऑटो ने मारी टक्कर, बेंगलुरु में इलाज के दौरान मौत

वेणुगोपाल

मेदिनीनगर : घर में बेटी की शादी की खुशियां थीं। रिश्तेदारों के आने-जाने और शादी की तैयारियों की चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। पिता भी बेटी के विवाह को यादगार बनाने में जुटे थे। दो दिसंबर को बेटी के हाथ पीले होने थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

शादी की तैयारियों का जायजा लेने निकले रिटायर्ड प्राचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह को सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ऑटो ने ऐसी टक्कर मारी कि परिवार की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में गंभीर रूप से घायल महेंद्र सिंह ने 25 सितंबर को बेंगलुरु के अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पिता की मौत के बाद बेटी की शादी भी टालनी पड़ी

बेटी की शादी की तैयारियों की रूपरेखा तैयार करने पहुंचे थे 23 सितंबर को महेंद्र सिंह कटहल मोड़ के पास स्थित बैंक्वेट हॉल में बेटी की शादी की तैयारियों की रूपरेखा तय करने पहुंचे थे। कार से उतरकर सड़क पार कर रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

वह पीठ के बल सड़क पर जा गिरे और सिर सड़क से टकरा गया। हादसे के बाद वे सड़क पर ही बेहोश हो गये। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गये। हालत गंभीर होने पर कुछ घंटे बाद एयर एंबुलेंस से बेंगलुरु ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

19 जुलाई को हुई थी बेटी की सगाई

भाई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि महेंद्र प्रसाद सिंह की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दूसरी बेटी की सगाई 19 जुलाई को हुई थी। पेशे से इंजीनियर बेटी की शादी दो दिसंबर को तय थी। बैंक्वेट हॉल भी बुक हो चुका था। पिता खुद शादी की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे थे। अब वही शादी अचानक टालनी पड़ी है। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाई गूंजनी थी, वहां पिता की मौत के बाद मातम पसरा है।

बेटी की शादी से पहले पिता की अंतिम विदाई

महेंद्र प्रसाद सिंह का शव 28 सितंबर को बेंगलुरु से रांची लाया गया। रिम्स में पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों के अनुसार हादसे के दिन महेंद्र सिंह के भतीजे को सांप काटने की सूचना मिली थी। इसी कारण वह तेजी से घर लौट रहे थे। रास्ते में हुये हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।

डीएवी में तीन दशक से अधिक दी सेवा

महेंद्र प्रसाद सिंह ने वर्ष 1992 में डीएवी डालटनगंज में उप प्राचार्य के रूप में योगदान दिया था। वर्ष 2014 में वे धनबाद के मुनीडीह स्थित डीएवी स्कूल में प्राचार्य बने। वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुये। वर्तमान में वे बोकारो स्थित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।मूल रूप से पलामू के जपला स्थित बुधुआ गांव के रहने वाले महेंद्र सिंह परिवार के साथ अरगोड़ा में रह रहे थे।

सीसीटीवी से चालक की पहचान, ऑटो जब्त

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ऑटो चालक की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज की है। चालक रातू के सिमलिया का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उसके घर से ऑटो जब्त कर लिया है। जबकि चालक फरार है।

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