स्कूल में मजदूरी करते दिखे बच्चे, हेडमास्टर ने पल्ला झाड़ा

नीलू चौबे
श्री बंशीधर नगर : शिक्षा व्यवस्था सुधारने एवं स्कूलों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को लेकर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बच्चों को किताब, यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, साइकिल और मध्याहन भोजन तक की सुविधा मुफ्त दी जा रही है। ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन जमीनी हकीकत सरकार की मंशा पर पानी फेर दे रही है। शिक्षा का मंदिर इन दिनों मजदूरी का अड्डा बन चुका है। यहां बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे मजदूरी कराया जा रहा है।
यह हाल गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय नरखोरिया कला का है। शुक्रवार को जब बच्चे शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे, तो उन्हें किताबों की जगह कुदाल थमा दिया गया। विद्यालय के हेडमास्टर रमेश प्रसाद ने मासूम बच्चों से स्कूल प्रांगण में पड़े मिट्टी के ढेर को समतल करने का काम कराया।
डर के मारे बच्चे जहां दिनभर पसीना बहाते रहे। वहीं विद्यालय के हेडमास्टर मस्ती फरमाते रहे। यहां बता दें कि यह विद्यालय एनएच-75 पर स्थित है, जहां से रोज अधिकारी और आम लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद हेडमास्टर को न तो कानून का भय रहा और न ही शिक्षा की जिम्मेदारी का अहसास। वे दिन के उजाले में बेधड़क बच्चों से जी तोड़ मेहनत कराते रहे।
इस संबंध में पूछने पर विद्यालय के हेडमास्टर रमेश प्रसाद ने कहा कि बच्चों से कुछ नहीं उनके खेलने के लिये सिर्फ मिट्टी को प्लेन करा रहे थे।
क्या कहते हैं एसडीओ
इस संबंध में पूछने पर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कहा की यह गंभीर मामला है। बच्चों को शिक्षा देने के सिवाय उनसे कुछ नहीं कराना है। अगर हेडमास्टर के द्वारा ऐसा कराया गया है तो पूरे मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।